Breaking News
कांग्रेस ने जारी की अपने उम्मीदवारों की 13वीं लिस्ट, दिल्ली से मनोज तिवारी के खिलाफ उतरे कन्हैया कुमार
आईपीएल 2024- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबला आज 
मुख्य सचिव ने अधिकारियों / कार्मिकों को मताधिकार की दिलायी शपथ
लोकसभा चुनाव में लोकप्रिय नेता बने सीएम धामी
थलाइवर 171 के नए पोस्टर में जबरदस्त लुक में दिखे रजनीकांत, 22 अप्रैल को रिलीज होगा फिल्म का टाइटल
रामनवमी में सुरक्षा -व्यवस्था को देखते हुए भारी वाहन की एंट्री पर लगी रोक 
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उत्तराखंड में स्थापित किये जा रहे 11729 पोलिंग बूथ- अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी
एक्सरसाइज करने का सही समय क्या है, अध्ययन में हुआ खुलासा
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज पहुंचेंगे उत्तराखंड, मसूरी में जनसभा को करेंगे संबोधित 

केजरीवाल की कहानियों का अंत नहीं

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ड्रामे और उनकी कहानियों का अंत ही नहीं हो रहा है। उनकी सरकार ने एक बार फिर विधानसभा में विश्वास मत पेश कर दिया। किसी ने उनके बहुमत पर अविश्वास नहीं जाहिर किया था और न कहीं से उनकी सरकार को खतरा दिख रहा था। 70 सदस्यों की राज्य विधानसभा में केजरीवाल की पार्टी के 62 विधायक हैं। उन्हें तीन चौथाई से भी ज्यादा बहुमत है। फिर भी यह तीसरा मौका है, जब उन्होंने विश्वास मत हासिल करने का ड्रामा रचा है। पहले भी उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके विधायकों को 20 करोड़ रुपए देने की भाजपा ने पेशकश की है। इस आरोप के बाद उन्होंने विश्वास मत पेश कर दिया।

अब फिर आरोप लगाया है कि सात विधायकों को 25-25 करोड़ रुपए की पेशकश भाजपा ने की है और सरकार गिराना चाहती है। हालांकि सात या 17 विधायकों के टूटने से भी केजरीवाल की सरकार पर खतरा नहीं है। दूसरे, दिल्ली पुलिस उनसे पूछ रही है कि वे मीडिया में बयान देने के बाद औपचारिक शिकायत दर्ज कराएं। किसी व्यक्ति का नाम लें, जिसने पैसे की पेशकश की या कोई फोन नंबर ही बताएं कि इस नंबर से फोन करके पेशकश की गई थी। लेकिन उनकी पार्टी ने न कोई सबूत पेश किया है और न औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन विधानसभा के सत्र में बजट टाल दिया और विश्वास मत पेश कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top