Breaking News
कांग्रेस ने जारी की अपने उम्मीदवारों की 13वीं लिस्ट, दिल्ली से मनोज तिवारी के खिलाफ उतरे कन्हैया कुमार
आईपीएल 2024- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबला आज 
मुख्य सचिव ने अधिकारियों / कार्मिकों को मताधिकार की दिलायी शपथ
लोकसभा चुनाव में लोकप्रिय नेता बने सीएम धामी
थलाइवर 171 के नए पोस्टर में जबरदस्त लुक में दिखे रजनीकांत, 22 अप्रैल को रिलीज होगा फिल्म का टाइटल
रामनवमी में सुरक्षा -व्यवस्था को देखते हुए भारी वाहन की एंट्री पर लगी रोक 
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उत्तराखंड में स्थापित किये जा रहे 11729 पोलिंग बूथ- अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी
एक्सरसाइज करने का सही समय क्या है, अध्ययन में हुआ खुलासा
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज पहुंचेंगे उत्तराखंड, मसूरी में जनसभा को करेंगे संबोधित 

डीजल सिटी बसें और विक्रम होंगे चलन से बाहर, सीएनजी-इलेक्टि्रक वाहन खरीदने के लिए मिलेगा अनुदान

देहरादून। आबोहवा को स्वच्छ बनाने के लिए प्रदेश में सबसे पहले दून में डीजल सिटी बसें और विक्रम चलन से बाहर होंगे। डीजल सार्वजनिक यात्री वाहनों के संचालकों को नई सीएनजी-इलेक्टि्रक या स्वच्छ वैकल्पिक ईंधन से संचालित बस खरीदने के लिए अनुदान सबसे पहले दून में मिलेगा। इसके बाद यह प्रयोग पूरे प्रदेश में किया जाएगा। अनुदान योजना को लेकर दून के सिटी बस और विक्रम संचालकों ने खुशी जाहिर की है। देहरादून में लंबे समय से डीजल चलित सार्वजनिक सवारी वाहनों को शहर से बाहर के रूटों पर चलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब तक परिवहन विभाग विक्रमों को शहर से बाहर नहीं कर सका है।

उधर शहर के रूटों का परमिट होने के कारण सिटी बसों को भी शहर से बाहर करना संभव नहीं है। ऐसे में सिटी बस और विक्रम संचालकों को अनुदान देकर सीएनजी-इलेक्टि्रक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना ही एकमात्र विकल्प था। पिछले कई सालों से यह मांग भी की जा रही थी कि अगर सरकार डीजल वाहनों को चलन से बाहर करना चाहती है तो अनुदान स्कीम लेकर आए, ताकि नए वाहन खरीदने में आसानी हो। बृहस्पतिवार को सरकार की ओर से स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति के तहत अनुदान योजना को मंजूरी दी गई। इसमें सिटी बस और विक्रमों के लिए एक समान प्रावधान किया गया।

कहा गया कि सिटी बस या विक्रम के परमिट को सरेंडर करने और वाहन स्क्रैप कराने का प्रमाण पत्र देने पर 25 से 32 सीट की नई सीएनजी या स्वच्छ ईंधन बस खरीदने के लिए वाहन लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 15 लाख रुपये अनुदान दिया जाएगा। वहीं वाहन को स्क्रैप किए बिना परमिट सरेंडर करने पर वाहन लागत का 40 प्रतिशत या अधिकतम 12 लाख रुपये अनुदान दिया जाएगा। विक्रम संचालकों के लिए एक अन्य विकल्प भी खोला गया है। इसमें सीएनजी या वैकल्पिक ईंधन से चलने वाली मैजिक को खरीदने के लिए विक्रम संचालकों को वाहन लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 3.5 लाख रुपये अनुदान दिया जाएगा। यह व्यवस्था 1:1 के फार्मूले पर लागू की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top