Breaking News
उत्तराखंड के प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. यशवंत सिंह कठोच पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित 
दांत दर्द और मुंह की बदबू से हैं परेशान, तो हो सकती है शरीर में इन विटामिंस की कमी
ऑर्डिनेटर राजीव महर्षि के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं ने लिया ईवीएम की सुरक्षा का जायजा
मोदी सरकार ने जनजातीय समाज को देश की मुख्यधारा से जोड़ा- महाराज
पर्यावरण संरक्षण आज के समय की बड़ी जरुरत
मुख्य सचिव ने केदारनाथ धाम के कार्यों का लिया जायजा
जोमैटो से खाना मंगाना हुआ महंगा, जानिए कितना प्रतिशत बढ़ा चार्ज
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने एक और लिस्ट की जारी, जानें- किसे कहां से दिया टिकट
आईपीएल 2024 के 38वें मैच में आज राजस्थान रॉयल्स से भिड़ेगी मुंबई इंडियंस

गरीब कल्याण को समर्पित धामी सरकार, श्रामिकों को 3 लाख कंबल वितरण के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे कदम

-उत्तराखंड भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रामिकों को प्रदान किए जाने हैं कंबल व अन्य सामान

देहरादून। ‘अंत्योदय’ की भावना के साथ आगे बढ़ रही उत्तराखंड की धामी सरकार ने राज्य में पंजीकृत श्रामिकों के लिए 3 लाख कंबल वितरण का जो लक्ष्य तय किया है, उस दिशा में कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत 31 जनवरी 2024 को सहस्त्रधारा रोड स्थित आईटी पार्क के समीप उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कम्बल वितरण कर पंजीकृत श्रमिकों को कम्बल वितरण व अन्य सामान वितरण के अभियान की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी 03 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को कंबल वितरण किया जाए।

इसी क्रम को आगे बढ़ते हुए उत्तराखंड भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड तथा श्रम विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की ओर से 16 फरवरी 2024 को सभी प्रदेश के समस्त जिलों में कैंपों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के नियंत्रण में पंजीकरण निर्माण श्रमिकों को लगभग 25,000 कंबल, छाता तथा 15,000 सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया गया। इसी के साथ लगभग 25,000 श्रमिकों का फ्री हेल्थ चेकअप भी किया गया। अवगत कराया गया है कि यह कार्यक्रम आगे भी लगातार जारी रहेगा और उक्त लाभ सभी पंजीकृत श्रमिकों को प्रदान किए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top