देहरादून। दून पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी जगदीश पिछले 23 वर्षों से फरार था। उसके खिलाफ वर्ष 2003 में बसंत विहार थाने में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले में न्यायालय के समक्ष पेश नहीं होने पर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर वर्तमान में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सभी थाना पुलिस को न्यायालय से जारी गैर जमानती वारंटों की शत-प्रतिशत तामीली के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में बसंत विहार पुलिस ने वर्ष 2003 में दर्ज मुकदमे में फरार चल रहे आरोपी की तलाश तेज की।
पुलिस के अनुसार, थाना बसंत विहार में मु0अ0सं0 45/03, धारा 323, 504 और 506 आईपीसी के तहत जगदीश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में वाद संख्या 209/03 के तहत एसीजेएम चतुर्थ कोर्ट से आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी, लेकिन आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।
पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश के लिए लगातार सुरागरसी-पतारसी करते हुए स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी देहरादून आया हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 5 सितंबर 2026 को बसंत विहार क्षेत्र में दबिश देकर वारंटी अभियुक्त जगदीश को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जगदीश पुत्र स्वर्गीय मंगल सिंह, निवासी ग्राम तिलहिया, थाना चतरा, झारखंड, हाल निवासी शास्त्रीनगर खाला, थाना बसंत विहार, देहरादून, उम्र 55 वर्ष के रूप में हुई है।
पुलिस टीम में अपर उप निरीक्षक विजय प्रकाश, कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल विपिन शामिल रहे।