Saturday, January 28, 2023
Home उत्तराखंड उत्तराखंड : पहाड़ के विधायक को पहाड़ में घर क्यों नहीं ?

उत्तराखंड : पहाड़ के विधायक को पहाड़ में घर क्यों नहीं ?

देहरादून। कोई विधायक अगर लगातार क्षेत्र में रहेगा, वहीं प्रवास करेगा तो आखिर अधिकारियों को दिक्कत क्या है? दिक्कत ये हो सकती है कि विधायक कभी भी जनता के किसी काम पर तलब कर देगा। विधायक के सामने जनता की कोई भी छोटी बड़ी समस्या आएगी तो विधायक अफसर को बुला लेगा, चाहे वो डीएम हो या पटवारी। शायद इसीलिए ये अफसर नहीं चाहते कि विधायक क्षेत्र में रहे।

उत्तराखंड की जनता हमेशा यही कहती रही है कि हमारा राज्य हिमाचल जैसा हो। हिमाचल में हर विधायक अपने गृह क्षेत्र में प्रवास करता है। वो अपने ही विधानसभा क्षेत्र में आवास लेकर रहता है और जनता की समस्या सुनता है, विकास कराता है।

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र से चुने गए विधायक किशोर उपाध्याय पहले ऐसे विधायक हैं जिन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को निवेदन किया कि मुझे मेरे गृह क्षेत्र टेहरी में आवास मुहैया कराया जाय और राजधानी देहरादून में आवंटित आवास को निरस्त कर दिया जाय। विधायक किशोर उपाध्याय के इस निवेदन पर 2 महीने बाद राज्य संपत्ति विभाग की तरफ से टेहरी के जिलाधिकारी को आदेश दिया गया कि विधायक के लिए सरकारी आवास मुहैय्या कराया जाय लेकिन जिलाधिकारी अब एक महीने तक कुछ नहीं कर पाए हैं। आखिर क्यों ?

आपको बता दें कि खानपुर से निर्दलीय विधायक को रुड़की में आवास दिया गया है। ये पहली बार नहीं है, इससे पहले मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल को तो देहरादून समेत उनके गृह क्षेत्र ऋषिकेश में भी सरकारी आवास दिया गया था। खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चौंपियन को भी उनके क्षेत्र में आवास आवंटित किया गया था। फिर किशोर उपाध्याय को क्यों नहीं?

किशोर उपाध्याय पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। लगातार पर्वतीय सरोकारों की ही बात उठाते हैं। वो पहाड़ में अपने विधानसभा क्षेत्र में ही प्रवास कर घर गाँव और गाँव की ही जनता और उनके लिए ही काम करना चाहते हैं तो फिर इसमें बुरा क्या है? टेहरी के जिलाधिकारी को चाहिये की वो जल्द विधायक के लिए सरकारी आवास की व्यवस्था करें। जनता का सेवक जनता के बीच रहना चाहता है और आप रोक रहे हैं। आखिर क्यों?

-इसको दुर्भाग्य कहा जाना चाहिए पहाड़ का। एक विधायक अपने क्षेत्र में रहकर काम करना चाहता और जनता के बीच रहकर हर बात सुनना चाहता है, लेकिन उसको वहां आवास नहीं द्विया जा रहा है। हिमाचल में सभी विधायक अपने अपने गृह क्षेत्र में रहते हैं।।उत्तराखंड में मुख्यमन्त्री ने मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है कि वो पहाड़ के गांव में प्रवास करें, लेकिन अधिकारी नहीं चाहते कि ऐसा हो। इस पर जनता को मुखर होना होगा। किशोर उपाध्याय जैसे विधायक नज़ीर हैं, दूसरे विधायक भी आवाज़ उठाएं और अपने गृह क्षेत्र में प्रवास करें।

डॉ अजय ढोंडियाल, वरिष्ठ पत्रकार

-इस अस्थायी राजधानी देहरादून में एक साल में बमुश्किल 20 दिन भी विधानसभा सत्र नहीं होता तो यहां विधायक का काम क्या है? किशोर उपाध्याय जी ने अनुकरणीय पहल की। उनकी इस पहल का अनुसरण सभी विधायकों को करना चाहिए। विधायकों को अपने ही गृह क्षेत्र में रहना चाहिए जनता के बीच। ये तो हद है कि किसी विधायक को क्षेत्र में आवास दे दिया और एक पहाड़ के विधायक को नहीं दे रहे हैं।

-जय सिंह रावत, वरिष्ठ पत्रकार

-एक राज्य आन्दोलनकारी जो विधायक बना, मंत्री बना और एक पार्टी का अध्यक्ष बना, आज उसको दरकिनार किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य आंदोलनकारी रहे किशोर जी विधायक हैं, पहाड़ में ही अपने क्षेत्र में जनता के बीच रहना चाहते हैं तो क्यों नहीं दिया जा रहा है आवास? अब क्या आवास के लिए भी आंदोलन लड़ना होगा हमको? उमेश कुमार को देहरादून के साथ साथ रुड़की में आवास दिया गया है, क्यों? किशोर जी को क्यों नहीं?

-भावना पांडेय, राज्य आंदोलनकारी

दृ किशोर उपाध्याय का कदम एक उदाहरण है। उन्होंने अपने गृह क्षेत्र में ही रहने की इच्छा जताई और उनके लिए सरकारी आदेह के बाद भी जिलाधिकारी आवास नहीं मुहैय्या करा रहे हैं, ये है। विधायक क्षेत्र में 24 घंटे रहेगा तो अधिकारी मनमानी कैसे करेंगे। इस पर मुख्यमत्री को संज्ञान लेना चाहिए।

 प्रो. जगमोहन, शिक्षाविद

दृ ये तो शर्मनाक है। पहाड़ का एक विधायक राजधानी में आवंटित सरकारी आवास को नकार कर अपने क्षेत्र में आवास की मांग कर रहा है और जिलाधिकारी ही आवास देने में हीलाहवाली कर रहा है। साफ है कि जिलाधिकारी ये नहीं चाहता कि विधायक क्षेत्र में रहे। दुर्भाग्य है पहाड़ का।

 कमलेश देवी, समाजसेवी एवं पूर्व प्रधान

जिस उत्तराखंड के पहाड़ से लगातार पलायन हो रहा है और वहां का एक विधायक राजधानी देहरादून में न रहकर अपने विधायकी क्षेत्र टीहरी में रहना चाहता है ताकि वह अपने क्षेत्र का विकास कर पाए और अपनी जनता के बीच रह पाए फिर भी उसको देहरादून में ही रहने के लिए विवश किया जा रहा है। आखिर ऐसा क्या है कि विधायक को टिहरी में आवास नहीं दिया जा रहा है। विधायक जी को तुरंत सर्किट हाउस तो दे सकते हैं।

RELATED ARTICLES

सीएम धामी ने लक्ष्मण विद्यालय इंटर कॉलेज, पथरीबाग में स्कूली बच्चों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा- 2023’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

विद्यार्थियों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं की दी शुभकामना। तनाव मुक्ति एवं समय प्रबंधन से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है- मुख्यमंत्री। राज्य के विभिन्न...

जिला पंचायत अध्यक्ष की मिलीभगत से हुआ टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार- सतपाल महाराज

देहरादून। नंदा राजजात जैसी धार्मिक और पवित्र यात्रा जिसमें श्रद्धालु दान देते हैं उसकी टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी और मिलीभगत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले की...

उत्‍तराखंड में ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम में 5464 स्कूलों में किया जा रहा पीएम मोदी की मास्टर क्लास का सजीव प्रसारण

देहरादून। उत्‍तराखंड में 'परीक्षा पर चर्चा' कार्यक्रम में 5464 स्कूलों में पीएम नरेन्‍द्र मोदी की मास्टर क्लास का सजीव प्रसारण किया गया, इसके लिये बच्चों...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

सीएम धामी ने लक्ष्मण विद्यालय इंटर कॉलेज, पथरीबाग में स्कूली बच्चों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा- 2023’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

विद्यार्थियों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं की दी शुभकामना। तनाव मुक्ति एवं समय प्रबंधन से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है- मुख्यमंत्री। राज्य के विभिन्न...

हिमाचल प्रदेश में खिला धूप, लेकिन दुश्वारियां बरकरार, चार नेशनल हाईवे समेत 219 सड़कें अवरुद्ध

हिमाचल। प्रदेश में मौसम तो खुल गया है लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। सूबे में चार नेशनल हाईवे समेत 219 सड़कें अवरुद्ध हैं। रोहतांग दर्रा नेशनल...

जिला पंचायत अध्यक्ष की मिलीभगत से हुआ टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार- सतपाल महाराज

देहरादून। नंदा राजजात जैसी धार्मिक और पवित्र यात्रा जिसमें श्रद्धालु दान देते हैं उसकी टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी और मिलीभगत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले की...

राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही यात्रा कांग्रेस नेता की छवि बनाने के लिए नहीं, बल्कि देश की स्थिति और माहौल को बदलने...

जम्मू- कश्मीर। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को बनिहाल में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व...

उत्‍तराखंड में ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम में 5464 स्कूलों में किया जा रहा पीएम मोदी की मास्टर क्लास का सजीव प्रसारण

देहरादून। उत्‍तराखंड में 'परीक्षा पर चर्चा' कार्यक्रम में 5464 स्कूलों में पीएम नरेन्‍द्र मोदी की मास्टर क्लास का सजीव प्रसारण किया गया, इसके लिये बच्चों...

भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच आज खेला जाएगा तीन टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला

नई दिल्ली। भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच आज तीन टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला रांची के जेएससीए अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट स्‍टेडियम पर खेला...

इंदौर में लगातार सामने आ रहे पशु क्रूरता के मामले, लसूड़िया थाना क्षेत्र में एक कुत्ते को छठवें माले से गिराकर मारने का मामला...

मध्य प्रदेश।  इंदौर में पशु क्रूरता के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी सिलसिले में इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में एक कुत्ते को...

उत्तराखंड रोडवेज बसों का संचालन ठप, यात्रियों की बढ़ी परेशानियां

देहरादून। उत्तराखंड रोडवेज की बसों का संचालन शुक्रवार को ठप है। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की, कोटद्वार और श्रीनगर डिपो से अब तक किसी बस का...

दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने तीन शहरों में छापेमारी कर तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

दिल्ली- एनसीआर। दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने तीन शहरों दिल्ली, गुरुग्राम और फतेहाबाद में छापेमारी के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बाहरी-उत्तरी...

बीएमसी चुनाव की घोषणा कभी भी

बृहन्नमुंबई महानगर निगम यानी बीएमसी चुनाव की घोषणा किसी भी समय हो सकती है। पक्ष और विपक्ष दोनों की तैयारियां पूरी हो गई हैं।...