Friday, August 19, 2022
Home ब्लॉग भारत में जनसंख्या विस्फोट

भारत में जनसंख्या विस्फोट

अजय दीक्षित
भारत की जनसंख्या करीब 140.80 करोड़ है और यह प्रत्येक मिनट बढ़ रही है, क्योंकि औसतन 30 बच्चे हरेक मिनट पर जन्म लेते हैं । चीन में यह औसत 10 रह गई है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी एक रपट के मुताबिक, भारत की आबादी 141 करोड़ से अधिक है और 2023 में वह चीन को पार कर जाएगा। आबादी 142.9 करोड़ से अधिक होगी। चूंकि 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस था, लिहाजा ये आंकड़े हमें सचेत करते हैं। दुनिया की कुल ज़मीन का मात्र 2 फीसदी ही भारत के हिस्से में है। पानी सिर्फ 4 फीसदी उपलब्ध है, लेकिन आबादी 18 फीसदी से ज्यादा है ।  एक दौर ऐसा आ सकता है, जब एक-एक इंच जमीन, एक बाल्टी पानी, स्वच्छ घी, दूध, फल-सब्जी आदि के लिए भारत में मार-काट के हालात बन सकते हैं !

भारत में जनसंख्या असन्तुलन के मद्देनजर अव्यवस्था और अराजकता के लिए विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं ।  देश के प्रधानमंत्री समेत लगभग सभी बड़े राजनेता आज भी 125-130 करोड़ की आबादी पर ही अटके हैं ।  कुछ अपडेट मुख्यमंत्री और नेता 135 करोड़ आबादी का उल्लेख करते रहे हैं ।  किसी को यथार्थ की विस्फोटक स्थितियों की जानकारी ही नहीं है। ऐसे में देश के सबसे बड़े और अधिकतम आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चिंता जताते हैं कि एक वर्ग विशेष की आबादी तेज गति से बढऩी नहीं चाहिये । और मूल निवासियों की जनसंख्या लगातार घटनी नहीं चाहिये, तो उन पर हिंदू-मुसलमान के आरोपों की बौछार शुरू हो जाती है ।  आरएसएस और भाजपा का जनसंख्या सम्बन्धी एजेण्डा याद आने लगता है । मुख्यमंत्री योगी ने हमारी जनसंख्या की हकीकत बयां की है। यह उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश की ऐसी समस्या है, जो देश के औसत नागरिक का स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजग़ार, स्वच्छ पर्यावरण और पोषण आदि को छीन सकती है ।  इस दौरान टीवी चैनलों पर एक दृश्य दिखाया जाता रहा कि उत्तर प्रदेश में ही एक पिता और दो माताओं की 19 संतानें हैं । पिता जर्जर काया है । गरीब लगता है, लेकिन बच्चों को “भगवान का उपहार मान रहा है । यह परिवार कैसे गुजारा करता होगा, भोजन की व्यवस्था कैसे होती होगी, बच्चों की पढ़ाई और पोषण की स्थिति क्या है, सिर पर छत भी नहीं है ।

ऐसे असंख्य उदाहरण इस देश में होंगे । क्या उनके रहते जनसंख्या नियंत्रण के प्रयास किए जा सकते हैं ?  यह भारत के जनसंख्या असन्तुलन और नियंत्रण के प्रति अज्ञानता, का एक वीभत्स उदाहरण भी है ।  इस समस्या से जागरूकता और प्रचार के स्तर पर ही निपटा नहीं जा सकता । भारत में जनसंख्या पर एक कड़ा कानून होना चाहिये ।  चीन को उदाहरण माना जा सकता है। यदि 1979 में चीन ने एक बच्चा नीति वाला कानून कड़ाई से लागू नहीं किया होता, तो आज चीन की आबादी 250 करोड़ से अधिक होती ।  आज चीन की आबादी की गति भारत से कम है। हालांकि हमारे यहां भी प्रजनन दर कम हुई है, मृत्यु दर भी कम हुई है, लेकिन औसत जिन्दगी की उम्र 70 साल से ज्यादा है । भारत में जनसंख्या विस्फोट की स्थिति अब नहीं है, लेकिन फिर भी आबादी बढ़ रही है और हमारे संसाधन सीमित हैं । संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के मुताबिक, दुनिया की आबादी फिलहाल 795.95 करोड़ से ज्यादा है, जो इसी साल के अंत या 2023 के शुरू में 800 करोड़ के पार जा सकती है। दुनिया में प्रति मिनट औसतन 270 बच्चों का जन्म हो रहा है । विश्व स्तर पर यह बढ़ोतरी मानवता के पक्ष में नहीं है। दरअसल भारत के सन्दर्भ में बढ़ती आबादी वर्ग विशेष के लिए भी खतरनाक है, क्योंकि वह अपेक्षाकृत अशिक्षित, गरीब, कुप्रथाओं में जकड़ा है । वह बच्चों को अपनी ताकत मानता रहा है, लेकिन पालन पोषण को लेकर मोहताज है ।

यदि एक वर्ग की आबादी बढ़ती रहे और दूसरी तरफ ईसाई, पारसी, जैन आदि अल्पसंख्यक समुदायों की आबादी की बढ़ोतरी नकारात्मक रहे, तो आबादी का ऐसा असंतुलन देशहित में नहीं है। बहरहाल भारत सरकार को पहल करनी होगी और देशभर में विमर्श की शुरुआत । यह सिर्फ वर्ग विशेष को निशाना बनाने की समस्या नहीं है। सुरस की भांति बढ़ रही है । इस पर कानून का ड्राफ्ट बने ।

RELATED ARTICLES

जो नहीं फंसे हैं उनको फंसाना है

हरिशंकर व्यास पिछले दिनों जब नीतीश कुमार ने भाजपा का साथ छोड़ा तो सोशल मीडिया में यह पोस्ट दिखाई दी कि अब केंद्र सरकार और...

अपराधी नेताओं को सजा ?

वेद प्रताप वैदिक आजकल सर्वोच्च न्यायालय में एक बड़ी मजेदार याचिका पर बहस चल रही है। उसमें मांग की गई है कि जिस भी विधायक...

बांग्लादेश को बचाए भारत

वेद प्रताप वैदिक श्रीलंका और पाकिस्तान की विकट आर्थिक स्थिति पिछले कुछ माह से चल ही रही है और अब बांग्लादेश भी उसी राह पर...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

जिलाधिकारी ने बद्रीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

चमोली। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने गुरूवार को बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान तहत चल रहे निर्माण कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने...

CM धामी ने ’रमणी जौनसार एवं ’जौनसार बावर के जननायक पं. शिवराम’ पुस्तक का किया विमोचन

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आई.आर.डी.टी सभागार, सर्वे चौक, देहरादून में जौनसार बाबर के प्रथम कवि पं. शिवराम जी द्वारा रचित...

देश की छवि बिगाडऩे वालों पर केंद्र सख्त, 8 यूट्यूब चैनलों पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने वाले यूट्यूब चैनलों के खिलाफ बड़े एक्शन के मूड में है। केंद्र ने आज राष्ट्रीय...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीओए को सौंपी भारतीय ओलंपिक संघ की बागडोर, इन तीन खिलाडियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय ओलंपिक संघ के मामलों को संभालने के लिए प्रशासकों की तीन सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश...

UKSSSC पेपर लीक मामले में एसटीएफ के हाथ लगी एक और बड़ी सफलता, जूनियर इंजीनियर ललित राज शर्मा की हुई गिरफ्तारी

देहरादून। पेपर लीक मामले में एसटीएफ के हाथ लगी एक और सफलता। एसटीएफ ने लंबी पूछताछ के बाद धामपुर निवासी जूनियर इंजीनियर ललित...

शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी संसदीय बोर्ड से बाहर करना क्या मध्य प्रदेश के लिए है साफ संकेत?

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा की फैसले लेने वाली शीर्ष संस्था भाजपा संसदीय बोर्ड से बाहर कर दिया गया...

पहली बार भारतीय सिनेमाघरों में हिंदी में रिलीज होगी नेपाली फिल्म प्रेम गीत 3

बीते कुछ सालों में दक्षिण भारतीय फिल्मों को हिंदी में रिलीज करने का ट्रेंड बढ़ा है। हिंदी के दर्शक भी इन फिल्मों को हाथोंहाथ...

राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव में किया प्रतिभाग

देहरादून। गुरुवार को पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) ने बतौर मुख्य अतिथि एवं...

मुख्यमंत्री ने किया बोधिसत्व विचार श्रृंखला ‘बिन पानी सब सून’ संगोष्ठी को सम्बोधित

जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिये समेकित प्रयासों की बतायी जरूरत। देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित सभागार में...

जो नहीं फंसे हैं उनको फंसाना है

हरिशंकर व्यास पिछले दिनों जब नीतीश कुमार ने भाजपा का साथ छोड़ा तो सोशल मीडिया में यह पोस्ट दिखाई दी कि अब केंद्र सरकार और...